पराली जलाने पर लगेगा अर्थदण्ड



*बिना एस एम एस के नहीं चलेगी कम्बाइन हार्वेस्टर।*


               सुलतानपुर 02 नवम्बर/उप कृषि निदेशक रामाश्रय यादव ने अवगत कराया है कि फसलों के अवशेष जलायें जाने से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की रोकथाम के हेतु सेटलाइट के माध्यम से प्रतिदिन मॉनीटरिंग की जा रही है, मुख्य सचिव द्वारा समीक्षा की जा रही है, जिसके क्रम में उप संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया है कि जनपद में कुल 77 कम्बाइन हार्वेस्टर पंजीकृत है। जिलाधिकारी महोदया के आदेशानुसार सभी हार्वेस्टर मालिकों अपील है कि धान की कटाई का कार्य जनपद में प्रारम्भ हो चुका है। सभी लोग कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन में एस एम एस (सुपर स्ट्रा मैनेजमेण्ट सिस्टम) अनिवार्य रूप से लगाये अथवा कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबन्धन के यंत्रों जैसे- सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्राचॉपर, श्रेडर, मल्चर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, हाइड्रोलिक रिवर्सेबुल एम0बी0 प्लाऊ, जीरोटिल सीड कम फर्टीड्रिल, रीपर कम बाइन्डर, रेक एवं बेलर का प्रयोग अवश्य किया जाय।

                मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी के निर्देशन में समस्त ग्राम पंचायत लेखपाल, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, हल्का सिपाही की टीम गठित है टीम के द्वारा जनपद में कोई भी कम्बाइन हार्वेस्टर बिना फसल अवशेष प्रबन्धन यंत्रों के चलते हुए पायी जाती है, तो सीज करते हुए कम्बाइन मालिक के स्वयं क खर्च पर एस एम एस लगवा कर ही छोड़ा जायेगा और यदि किसी कृषक द्वारा खेत में पराली/फसल अवशेष की घटना प्रकाश में आती है, तो निम्नानुसार अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा, 02 एकड़ से कम पर दो हजार पॉच सौ रूपये, 2 से 5 एकड़ पर पॉच हजार रूपये तथा 5 एकड़ से अधिक पर पन्द्रह हजार रूपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। फसल का अवशेष जलाने पर रासायनिक क्रियाओं से पर्यावरण को बहुत तेजी से नुकसान पहंुचता है। अतः कृषक भाई फसल के अवशेष खेतों में न जलायें। 


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