अग्निवंशीय चौहानों का होली मिलन समारोह भव्य कवि सम्मेलन के साथ मनाया गया

 अग्निवंशीय चौहानों का होली मिलन समारोह भव्य कवि सम्मेलन के साथ मनाया गया

न्यू गीतांजलि टाइम्स सुल्तानपुर। बलदीराय कस्बे में रविवार को क्षेत्रीय अग्निवंशीय चौहान का  होली मिलन समारोह मुख्य अतिथि राजा राना सूबेदार सिंह मेड़ाव राजभवन प्रतापगढ़ ने दीप प्रज्वलित कर महाराणा प्रताप व पृथ्वी राज चौहान की प्रतिमा पर  माल्यार्पण कर होली मिलन समारोह का शुभारंभ किया,तत्पश्चात कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ,जिसमें कवि विकास ने अपनी कविता-किस्मत वाले वह है जिनके घर बेटी है,कवि कर्मराज शर्मा तुकांत बलदीराय ने जितना लड़ना था लड़ बैठे रहा लड़ाई का क्या काम, निकल टाट से सिंहासन पर हुए विराजित मेंरे राम,रामकाज हित सीने पर गोली खाकर बलिदान हुए युगों-युगों तक आने वाली पीढ़ी के पहचान हुए संघर्षों की सबल कहानी से निकला यह परिणाम।कवि रामानन्द सागर बीएचएल ने निमिया के पेड़ मां अनार नहीं लगे,बांधे बनिया बाजार नहीं लागे। हमारी बतिया का बांध लो पीठा अमवा के पेड़ मा मदार नहीं लागे बांधे बनिया बजार नहीं लागे। वही वही कवि अखिलेश डाली बसंत पांडेय सहित आये हुए अनेकों कवियों ने अपनी कविताओं से मौजूद लोगों में शमा बांध दिया। इस अवसर पर रंजीत सिंह अनिल सिंह विजयपाल सिंह शिव मोहन सिंह (मुन्ना) भगवती सिंह संतोष सिंह श्याम बिहारी सिंह विजय बहादुर सिंह अमरजीत सिंह सुनील सिंह शेषनाथ सिंह राकेश सिंह विजय सिंह (बबलू) आर.के.सिंह हजारों की संख्या में चौहान राजपूत उपस्थित रहे।

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