पापमोचिनी एकादशी व्रत पाप दंड से बचाव का है उपाय- पंडित कृष्णकांत मालवीय
सुलतानपुर, न्यू गीतांजलि टाइम्स: हर साल चैत्र माह की कृष्ण एकादशी तिथि पर पापमोचिनी एकादशी का व्रत किया जाता है। इस वर्ष पापमोचिनी एकादशी शुक्रवार पांच अप्रैल को है। सनातन धर्म में कहा गया है कि संसार में उत्पन्न होने वाला कोई भी मनुष्य ऐसा नहीं है जिससे जाने-अनजाने में कोई पाप नहीं हुआ हो। पंडित कृष्णकांत मालवीय ने कहा ईश्वरीय विधान के अनुसार पाप के दंड से बचा जा सकता है अगर पापमोचिनी एकादशी का व्रत किया जाए। धर्मशास्त्रों में एकादशी तिथि को विष्णु स्वरूप माना गया है। इस तिथि को पूजित होने पर संसार के स्वामी सर्वेश्वर श्रीहरि संतुष्ट होकर अपने भक्तों के समस्त कष्टों का निवारण करते हैं। बड़े-बड़े यज्ञों से भगवान को उतना संतोष नहीं मिलता, जितना एकादशी व्रत के अनुष्ठान से होता है।
