सुल्तानपुर की सांसद होने पर महसूस करती हूं गर्व : मेनका गांधी
सुलतानपुर, न्यू गीतांजलि टाइम्स: पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद मेनका संजय गांधी ने अपने चुनावी दौरे के तीसरे दिन ताबड़तोड़ दो दर्जन से अधिक स्वागत व नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया।श्रीमती गांधी के स्वागत व नुक्कड़ सभाओं का सिलसिला गोसाईगंज से शुरू होकर महादेवपुर उघड़पुर बरौसा मोतिगरपुर पाण्डेबाबा पारसपट्टी में हुआ। सांसद के बरवारीपुर पेट्रोल पंप के पास पहुंचने पर विधायक राजेश गौतम राजबाबू उपाध्याय सहित पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने जमकर स्वागत किया। पुष्प वर्षा कर ढोल नगाड़े बजाए आतिशबाजी की और योगी मोदी के साथ मेनका गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए। नुक्कड़ व स्वागत सभाओं को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती गांधी ने कहा मुझे सुलतानपुर की सांसद होने पर गर्व महसूस होता है। सुलतानपुर मेरा परिवार है। मैंने 5 वर्षों में माहौल को बदला है। आज सुल्तानपुर में एक आशा का माहौल बना है। 2019 में आई तो निराशा का माहौल था। तब मेरे ऊपर लोगों का विश्वास भी कम था। यहां पर बड़े-बड़े लोग यहां आए और जीत कर चले गए। फिर जनता के बीच नही दिखाई पड़े।आज सुल्तानपुर की जनता को मालूम है कि किसी के साथ अन्याय हुआ तो मैं मदद के लिए हूं।पांच वर्षों में मैं हर 15 दिन में आती रही।तीन दिन रुक कर 700-800 लोगों की समस्याओं का निदान कराती रही।कादीपुर पहुंचने पर उमड़ी भीड़ ने सांसद का अभूतपूर्व स्वागत किया।पटेल चौक पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद बिजेथुआ धाम जाकर पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया। बजरंग नगर व करनवल में क्षेत्रवासियों ने स्वागत किया। सांसद ने करौंदीकला में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए कहा भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता हमारी ताकत है।जिले के 1100 गांवों व पुरवों में मैं दो -दो बार जा चुकी हूं।कार्यकर्ता ने बीजेपी का झंडा हर जगह लहराया है। इसके बाद श्रीमती गांधी ने सूरापुर मुड़िला अलीपुर बाजार गिधौना नरवारी बाजार बछेड़िया गोल्हनपारा कैथी जलालपुर एवं बढ़ौली में नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। शिव मन्दिर के सामने छावनिया दोस्तपुर अखंडनगर एवं राहुलनगर में उमड़ी भीड़ ने अपनी सांसद का ऐतिहासिक स्वागत किया। यहां श्रीमती गांधी ने कहा आपका प्यार व अपनत्व देखकर मैं अभिभूत हूं। सुलतानपुर मेरा परिवार है। मैंने इसको संवारा व सजाया है। सुलतानपुर को मैंने सुरक्षा विकास और ताकत दी है। मैंने कभी किसी की जाति और कौम नहीं पूछा। केवल तकलीफ पूछती हूं और फौरन मदद करती हूं। मैं भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस रखती हूं।मंगलवार को मेरे आवास पर एक लोग आए बताया मेरे नाबालिग बेटे का मुकदमें से नाम निकालने के लिए सीओ डेढ़ लाख रुपए मांग रहे हैं। मैंने 20 हजार दिए हैं गरीब हूं और पैसे नहीं हैं। मैंने तुरंत सीओ को फोन कर पैसे वापस कराए और बेकसूर का नाम निकालने को कहा। मैं किसी रूप में भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करती हूं। मैंने लगातार सरकारी अफसरों के साथ ब्लॉक मुख्यालय और गांवों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराया। पांच सालों में 60 से 70 हजार लोगों की समस्याओं का समाधान कराया है। मुझे हमेशा आपकी फिक्र रहती है।मैं सभी का फोन उठाती हूं।
