युवा सपा नेता से बदसलूकी करना "माननीय" को पड़ सकता है महंगा!
लोकसभा प्रभारी के सामने खड़ा किया "बखेड़ा"
"नेताजी" ने भी खूब सुनाई "खरी-खोटी"
युवा सपा नेता के साथ अब खुल कर खड़ा हो रहा उनका समाज
शकील अहमद के घर पर हुई बैठक
सुलतानपुर(ब्यूरो)।सपा के एक माननीय को युवा सपा नेता से बदसलूकी करना मंहगा पड़ सकता है।? जिस नेता को लेकर यह बवंडर खड़ा हुआ है, अब युवा सपा नेता उसके साथ खुलकर साथ ही नही आए हैं, बल्कि समाज के कद्दावर,असरदार,पकड़दार नेताओ के साथ पूर्व लोक सभा प्रत्याशी की बैठक हुई। अब एक अलग रेखा खींचने की जबरदस्त कवायद की गई। जिससे पार्टी प्रत्याशी को और अधिक मजबूती इसौली विधानसभा में मिल सके। एक रणनीति के तहत विधायक से हट कर यह अलग रोड मैप तैयार किया गया। जिसकी चर्चा इसौली समेत जिले में जोरों से चल रही है।
बतातें चलें कि यह बात कहां से बिगड़ी। क्यों युवा नेता के साथ माननीय ने बदसलूकी की, इसका कारण क्या रहा? इस अनसुलझी पहेली को सपा शीर्ष नेतृत्व को समझने की जरूरत है। क्या विधायक ही पार्टी होता है, क्या विधायक पार्टी से बड़ा होता है, जब कोई पार्टी का बड़ा नेता मंच से भाषण देता है तो बकायदे बयां करता है कि नेता नही, कार्यकर्ता पार्टी का रीढ़ होता है। अब यहां पर मतलब इसौली में विधायक अपने आपको पार्टी से बड़ा मान बैठे हैं। माननीय चाहते हैं कि पार्टी और पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मेरे पीछे-पीछे चले। पर, आधे से ज्यादा पदाधिकारी ऐसे हैं, जो पार्टी की बनाई गई गाइड लाइन पर चलना चाहते हैं और चल रहे हैं, यही इसौली विधायक को रास नही आ रहा है। जब सपा सुप्रीमो ने टिकट में बदलाव कर भीम निषाद के स्थान पर पूर्व मंत्री रामभुआल निषाद को प्रत्याशी घोषित किया तो जिले में भूचाल आ गया। पार्टी जिले में दो खेमों में बंट गई, यही से विरोध शुरू हो गया। पहला दौड़ा प्रत्याशी का इसौली विधानसभा क्षेत्र में लगाया गया। पर,संगठन कुछ नेताओं और माननीय के हाथ खड़ा कर लेने से इसौली में कार्यक्रम नही हो सका। इसके बाद संगठन ने अपनी रणनीति बदली। बिनु विधायक के ही इसौली में उम्मीदवार का कार्यक्रम लगाया गया। जिम्मेदारी इसौली के ही कद्दावर,पुराने नेता पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शकील अहमद को सौंपी। जिसमें विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर करीब के करीब सभी संगठन के नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में चार-चांद लगा। इस कार्यक्रम में जो नेता,पदाधिकारी हिस्सा लिए क्षेत्रीय विधायक के आंख की किरकिरी बन गए। इसी कार्यक्रम में सपा के एक युवा नेता शामिल हो गए। जो प्रदेश के एक फ्रंटल संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। राजनीति का बड़ा चस्का लग गया है, जिले में सपा मजबूत हो और दिखे, युवा "₹नेताजी "घर फूंक तमाशा" देखने मे नही चूकते हैं। घर का पैसा राजनीति में अभी तक खर्च करते चले आ रहे हैं, अभी मिला कुछ नही है। इन युवा सपा नेता से गलती इतनी सी हो गई है कि बिना विधायक को बताए इसौली के कार्यक्रम में क्यों चले गए। शायद विधायक भूल गए हैं कि युवा सपा नेता किसी भी नेता के "रखैल" नही हैं। पार्टी के कार्यक्रम में जा कर कोई गुनाह नही किया। विधायक को याद होना चाहिए कि आपको नेता बनाने में कहीं न कहीं रोल युवा सपा नेता का भी था। पर,अपने आगे इसौली के माननीय कुछ भी नही सुनते। जो मन मे आया बोलना चालू कर देते हैं। ऐसा ही वाकया लोकसभा प्रभारी राम वृक्ष यादव के सामने इसौली विधायक के आवास पर हुआ। सपा लोकसभा प्रभारी भी दंग रह गए। लोकसभा प्रभारी युवा सपा नेता को लेकर साथ मे गए थे,कुछ और कद्दावर नेता साथ मे रहे। युवा सपा नेता को देख विधायक जी भड़क गए। बदसलूकी पर उतर आए। बिना समझे बुझे सब अप्रिय बात कह डाली जो एक अच्छे नेता के लिए शोभा नही देती। शब्दों की भी मर्यादा होती। पर मर्यादा को ही तार-तार कर दिया गया। युवा नेता के साथ घटी यह घटना जंगल मे आग की तरह फैली। इसौली के विरादरी के नेता अब युवा सपा नेता के साथ लामबंद हो गए हैं। इसौली के ही शानदार नेता पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शकील अहमद के साथ खुलकर आ गए हैं। अब नई रणनीति बनाई गई है कि लोकसभा प्रत्याशी के साथ तीन-चार बड़ी मीटिंग कराई जाए,जिसका नेतृत्व शकील अहमद करें। इसके लिए पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शकील अहमद के आवास पर इसौली के कद्दावर नेताओ के साथ बैठक की गई। मीटिंग का रोड मैप तैयार किया गया। जल्द ही इस पर अमली जामा पहनाया जाएगा। जिसका संदेश पूरे लोकसभा क्षेत्र में पहुँचेगा और पार्टी प्रत्याशी को मजबूती मिलेगी। बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव, शिव बहादुर यादव ऊंच गांव,पासी समाज के अध्यक्ष शीतला पासी, राम उजागिर प्रधान,पिंटू यादव,राजनरायन प्रधान,संदीप यादव,गुलशन यादव, राष्ट्रीय सचिव राजेश यादव,इंद्र प्रसाद यादव अगई, महेश यादव दाउदपुर, अनुराग यादव,सुरेश नेता आदि मौजूद रहे।