बढ़ैयाबीर प्रवेश मार्ग पर बने यूरिनल में भयंकर गंदगी और उठ रही बदबू पर मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
वहां से गुजरने वाले राहगीर संक्रमण डायरिया टाइफाइड फीवर यूटीआई आदि के शिकार हो सकते हैं - डा ए एन सिंह
सुलतानपुर, न्यू गीतांजलि टाइम्स। पिछले पांच छः सालों से बस स्टेशन से बढ़ैयाबीर प्रवेश मार्ग पर नगरपालिका द्वारा बनवाये गये मूत्रालय से लगातार उठ रही यूरिन की भयंकर बदबू से उधर से गुजरने वाले राहगीर बहुत परेशान हो रहे हैं । हर व्यक्ति को उधर से नाक दबाकर गुजरना पड़ रहा है। शहर के प्रसिद्ध डॉक्टर ए एन सिंह का कहना है कि इस गंदगी में अगर कोई बच्चा,बीमार,बुजुर्ग उधर से गुजरता है तो उन सबको इंफेक्शन होने की प्रबल संभावना होती है जिसके परिणाम स्वरूप डायरिया, टायफाइड, फीवर हो सकता है । वहां लघुशंका करने वालों को भयंकर रुप से यूटीआई हो सकती है। मरीज को सही इलाज न मिल पाने के चलते आगे जाकर किडनी भी फेल हो सकता है। नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस समस्या से भलीभांति अवगत होते हुए भी स्वत: कोई उचित कार्यवाही न करते देख मानव अधिकार संरक्षण व पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय प्रभारी डी पी गुप्ता एडवोकेट ने उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग लखनऊ को शिकायत पत्र देकर एक केस दर्ज कराया है। जिस पर मानवाधिकार आयोग लखनऊ ने एक्शन लेते हुए सुलतानपुर जिला अधिकारी व नगर पालिका परिषद को बढ़ैयाबीर सुल्तानपुर की आम जनता को हो रही इस तकलीफ के निवारणार्थ एक नोटिस भेजा था। जिस पर एक्शन लेते हुए नगर पालिका के ईओ लाल चंद्र सरोज ने नाली की साफ सफाई करवा कर कुछ हद तक बदबू को कम कर दिया परंतु उसके स्थायी समाधान के लिए जब उनसे पत्रकारों द्वारा बात की गई तो उन्होंने कहा कि बजट की समस्या है, इस कारण से वहां की ध्वस्त हो चुकी नाली का निर्माण नहीं किया जा सकता। जब बजट आ जाएगा, तो बस स्टेशन से लेकर इन्कम टैक्स आफिस तक ध्वस्त हो चुकी नाली को नये सिरे से बनवा दिया जाएगा। दुखद पहलू यह है कि बढ़ैयाबीर मोहल्ले में पुलिस अधीक्षक सहित शहर के अति विशिष्ट लोगों का निवास है जिन्हे इसी बदबूदार मार्ग से होते हुए गुजरना पड़ता है।
