हाउस टैक्स 10 प्रतिशत से अधिक न बढ़े, बिजली दरों में न हो बढ़ोतरी, अधिकारी हुए निरंकुश : बनवारी लाल कंछल
सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि प्रदेश के व्यापारी लगातार टैक्स और बढ़ती महंगाई की मार झेल रहे हैं। ऐसे में हाउस टैक्स को 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई नगर निकायों में हाउस टैक्स को 500 से 2000 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, जो सरासर अन्याय है। यदि इसे वापस न लिया गया तो व्यापारी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी निरंकुश हो गए हैं, किसी की भी नहीं सुनते अपने मर्ज़ी की ही करते हैं।
व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से अपील की कि हाउस टैक्स को 10 प्रतिशत की सीमा में रखा जाए तथा बिजली की दरें सीमावर्ती राज्यों से अधिक न बढ़ाई जाएं। संगठन ने यह भी कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, ऐसे में उस पर बार-बार करों का बोझ डालना तर्कसंगत नहीं है।
प्रांतीय अध्यक्ष कंछल ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार बजट में 12 लाख तक की आय कर मुक्त कर दिया,जो स्वागत योग्य है। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा टीडीएस सीमा 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख करना सराहनीय है। आयकर फैली फाइलिंग की सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 4 वर्ष कर दी है।आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि जुलाई से बढ़ाकर सितम्बर कर दी गई है, जिससे व्यापारियों को राहत मिल रही है।
उन्होंने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 15 अगस्त 2025 से टोल शुल्क में बड़ी राहत दी है। अब निजी वाहनों का टोल शुल्क 50 रुपये से घटाकर मात्र 15 रुपये कर दिया गया है। यदि कोई वाहन मालिक 3000 रुपये का टोल शुल्क फास्टैग में जमा करता है तो वह पूरे वर्ष में 200 यात्राओं तक किसी भी टोल से गुजर सकता है। यदि एक वर्ष के भीतर ही वाहन मालिक 200 यात्राएं पूरी कर लेता है, तो उसे पुनः 3000 रुपये का फास्टैग रिचार्ज कराना होगा।
व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल ने सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की पेंशन राशि 3000 से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह की जाए तथा दुर्घटना बीमा 25 लाख और स्वास्थ्य बीमा सरकारी कर्मचारियों की तरह अनलिमिटेड मिले। व्यापारियों ने इनकम टैक्स व जीएसटी विभाग से पहचान पत्र जारी करने, विधानसभा व राज्यसभा में 10-10 सीटें तथा नगर पालिका परिषद में 5 सीटें आरक्षित करने की मांग की। जीएसटी केवल एक स्लैब में लागू हो और रिकॉर्ड 3 साल तक ही रखा जाए। दुकानों का 1 करोड़ रुपये तक बीमा कराया जाए।
व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने हाउस टैक्स और बिजली दरों को लेकर व्यापारियों की मांगें नहीं मानीं तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि व्यापारी हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लें।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, वरिष्ठ महामंत्री हाजी मो0 इलियास खान, एजाज़ अहमद, नगर अध्यक्ष आनंद पांडेय, ज़िला उपाध्यक्ष सईद अहमद, राम तीरथ सोनी प्रदेश मंत्री, मोहम्मद अजमत खान, अभिषेक सिंह, संतोष मिश्रा, दिलीप पांडे, हरजोत सिंह, डॉक्टर एस एन सोनी, कृष्ण चंद्र बरनवाल,दिनेश मिश्रा, राकेश वर्मा, अजय सिंह, बृजेश वर्मा, विजय वर्मा, ऋषभ देव शुक्ला,ज़ुबैर अहमद, अरुण कुमार बंसल, मो0 शहजाद, मज़ूर अहमद, मीडिया प्रभारी अफ़्तार अहमद, जावेद अहमद, अरबाब अहमद, सरफराज, सईद अहमद, एजाज़ अहमद आदि मौजूद रहे।





