निर्धन बालिकाओं के लिए निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा–डॉ विनोद कुमार सिंह
सुलतानपुर, न्यू गीतांजलि टाइम्स एमजीएस इंटर कॉलेज सुल्तानपुर में सह शिक्षा हेतु प्रवेश परीक्षा संपन्न हुई। बताते चले की महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज सुल्तानपुर में पहली बार बालकों के साथ बालिकाओं का भी प्रवेश होगा। जिसके लिए रविवार को प्रातः 8.30 बजे प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। प्रवेश परीक्षा देने के लिए आए हुए छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों पर पुष्प वर्षा और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रवेश परीक्षा में लगभग 753 बच्चों एवं बच्चियों ने प्रतिभाग किया। प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। विद्यालय की तरफ से अभिभावकों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई थी विद्यालय के प्रबंधक डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज अपने स्थापना के समय से ही मूल्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। देश की अधिक आबादी जो धनाभाव के कारण शिक्षा से वंचित हो जाती है। उस आधी आबादी (बालिकाओं)को वर्तमान सत्र में एमजीएस इंटर कालेज में प्रवेश दे कर उन्हे शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए जो बालिकाएं निर्धन परिवार से प्रवेश के लिए आती हैं उनका प्रवेश निःशुल्क रहेगा और उनके लिए निःशुल्क पुस्तक और ड्रेस की भी व्यवस्था की जाएगी। प्रधानाचार्य महेश कुमार सिंह ने बताया कि अतीत के गौरव से युक्त यह एमजीएस इंटर कॉलेज समस्त भौतिक संसाधनों और योग्य शिक्षकों से युक्त है। विद्यालय बालकों के साथ बालिकाओं की शिक्षा देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जहां पर एक सुरक्षित अनुशासित वातावरण में बालिकाएं प्रवेश लेकर विद्यालय में अध्ययन कर सकती हैं। उप प्रधानाचार्य विचित्र वीर सिंह ने प्रवेश परीक्षा दिलाने आए हुए अभिभावकों को विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था से परिचित कराते हुए कहा की यह विद्यालय आपके पाल्य के लिए है। प्रवेश परीक्षा के पश्चात आपके पाल्य का प्रवेश विद्यालय में होता है तो उनके शैक्षिक उन्नयन के साथ साथ उनमें शारीरिक एवं मानवीय गुणों के सर्वांगीण विकास के लिए अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था भी होगी। विद्यालय में हो रही प्रवेश परीक्षा को सफल बनाने हेतु वैभव रघुवंशी अशोक कुमार दीपक कुमार सिंह डॉ अंबरीश सिंह संजय सिंह सुमित श्रीवास्तव मधुलिका सिंह किरण वर्मा माधवराव यादव लाल रत्नाकर रजनीश सिंह अंकित वर्मा पवन सिंह राजेश कनौजिया आदि उपस्थित रहे।
