सुल्तानपुर में पोषण पाठशाला का आयोजन, स्टंटिंग से बचाव पर हुआ जोर
महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की मंत्रीगणों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन
सुल्तानपुर। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा 07 अगस्त 2025 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से 01:30 बजे तक एक पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की माननीय कैबिनेट मंत्री एवं माननीय राज्य मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य थीम रहा – “स्टंटिंग की समझ और समाधान - जन्म के पहले 06 माह पर विशेष ध्यान”। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ पोषण विशेषज्ञों ने विषय की गहराई से जानकारी दी।
कार्यक्रम का वेबकास्ट राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के माध्यम से किया गया, जिसे जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर लाइव प्रसारित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में गर्भवती, धात्री महिलाएं, अभिभावक व लाभार्थी जुड़े।
डा. एम.ए. फरीदी (डीन एमेरिटस, एरा यूनिवर्सिटी, लखनऊ), डा. समीर एम. पवार (न्यूट्रिशन स्पेशलिस्ट, यूनीसेफ, नई दिल्ली) और डा. रवीश शर्मा (न्यूट्रिशन ऑफिसर, यूनीसेफ, लखनऊ) जैसे विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों के जीवन के पहले 1000 दिन उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने बताया कि शिशु के जीवन के पहले 6 माह में उसे कुपोषण से बचाना अत्यावश्यक है। स्टंटिंग के पीछे मुख्य कारण हैं – अपर्याप्त पोषण, बार-बार संक्रमण, दस्त, श्वसन बीमारियां, साफ पानी की कमी, और माताओं का कुपोषण।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी दयाराम, अजीत कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, राहुल त्रिपाठी, माया सिंह, डा. पी.डी. त्रिपाठी, मुख्य सेविकाएं, जिला समन्वयक उमेश तिवारी एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां भी लाभार्थियों के साथ उपस्थित रहीं।
पोषण पाठशाला ने आमजन और लाभार्थियों में पोषण के प्रति जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


