चांदा में श्रीमद भागवत कथा का पंचम दिवस सम्पन्न, प्रकृति संरक्षण का संदेश दे गए डॉ. मदन मोहन मिश्र
सुल्तानपुर।
चांदा के रामनगर गांव में आयोजित सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस में वृंदावन से पधारे प्रख्यात भागवताचार्य डॉ. मदन मोहन मिश्र जी महाराज ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की मनोहर बाल लीलाओं का विस्तृत वर्णन सुनाया। कथा स्थल भक्तिमय माहौल से गुंजायमान रहा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर अध्यात्मिक अमृत रूपी कथा का श्रवण करते रहे।
डॉ. मिश्र ने पूतना वध, काली नाग उद्धार, अघासुर-बकासुर वध एवं धनुकासुर की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने प्रत्येक लीला के माध्यम से समाज को गहन संदेश दिए। उन्होंने कहा कि माखन चोरी लीला का अभिप्राय यह है कि हर व्यक्ति को पहले अपने परिवार का पालन-पोषण करना चाहिए, उसके बाद ही समाज सेवा की ओर बढ़ना चाहिए।
चीर हरण लीला का उल्लेख करते हुए आचार्य ने कहा कि जलाशयों में निर्वस्त्र स्नान करना वरुण देव का अपमान है, भगवान ने इस लीला के माध्यम से समाज को मर्यादा का संदेश दिया।
कथा श्रवण के दौरान आचार्य श्री ने पर्यावरण एवं नदी संरक्षण पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने कालिया नाग को पराजित कर यमुना जी को प्रदूषण से मुक्त कराया था। आज उसी संदेश को आत्मसात करते हुए समाज को एकजुट होकर नदियों को प्रदूषण मुक्त करना चाहिए।
गोवर्धन पूजा पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्र ने कहा कि श्रीकृष्ण ने प्रकृति की उपासना कर यह समझाया कि प्रकृति की पूजा ही परमात्मा की सच्ची पूजा है। मनुष्य यदि प्रकृति का सम्मान करेगा तो उसका जीवन स्वतः सुखमय और संतुलित हो जाएगा।
कथा के पूर्व मुख्य यजमान रामदुलार मिश्र ने विधि-विधान से व्यास पीठ का पूजन किया। इसके पश्चात आए सभी अतिथियों ने व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य श्री का सम्मान पुष्पहार पहनाकर किया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सीताशरण तिवारी, भाजपा नेता सुशील त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख अरुण जायसवाल, एस.एन. कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल लंभुआ के प्रबंधक अनिल दुबे, संदीप तिवारी, विनोद मिश्र, प्रमोद मिश्र ‘संपादक’, विनय मिश्र एवं देवराज मिश्र सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भजन और मंत्रोच्चार में लीन दिखे। आगामी दिनों में कथा में विभिन्न प्रसंगों पर विस्तृत व्याख्यान किया जाएगा, जिसके लिए ग्रामीणों और भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।



