कमला नेहरू संस्थान में पी वी कने के विचारों पर गोष्ठी

 कमला नेहरू संस्थान में पी वी कने के विचारों पर गोष्ठी


 सुल्तानपुर । कमला नेहरू भौतिक और सामाजिक विज्ञान संस्थान के समाजशास्त्र विभाग द्वारा  होली के पूर्व "भारतीय धार्मिक पर्वों में तार्किकता" विषय पर भारत रत्न पी वी कने के विचारों पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । इस अवसर पर संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य डॉक्टर सर्वेश कुमार ने पी वी कने के विचारों को साझा किया व बताया कि भारत सदियों से अपनी परंपरा, संस्कृति और मूल्यों की वजह से संपूर्ण जगत में प्रसिद्ध था । पी वी कने ने अपनी पुस्तक धर्मशास्त्र के इतिहास के माध्यम से इस चीज को रेखांकित किया । इन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पी वी कने ने धर्मशास्त्र के इतिहास में धर्म को मानव चेतना के विकास और उन्नयन का सबसे बड़ा स्रोत माना है। आज के आधुनिक युग में युवाओं में आ रही विकृति को दूर करने के लिए पी वी कने जैसे महान विचारक एक युग दृष्टा के रूप में समाज को उन्नयन का मार्ग दिखा सकते हैं । विषय की स्थापना करते हुए समाजशास्त्र विभाग अध्यक्ष डॉक्टर कुलदीप पांडे ने भारत को सदैव से मनीषियों का देश बताया व कहा कि जरूरी है कि हमारे आज के मनीषी उनको युवा पीढ़ियो तक वैज्ञानिक रूप में पहुंचाएं । इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर अतुल कुमार मिश्रा ,डॉक्टर नीरज कुमार सिंह , डॉ नीतू सिंह एवं प्रियांशु निवेदिता पांडे, सृष्टि व शाहीन आदि विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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