इंस्पायर इंक्लुजन- महिलाओं में निवेश: प्रगति में तेजी लाने की विषय पर बी एड विभाग में संगोष्ठी
न्यू गीतांजलि टाइम्स सुल्तानपुर। राणा
प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बी एड विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के
अवसर पर एक विद्यार्थी संगोष्ठी का आयोजन किया।विद्यार्थी संगोष्ठी का विषय इस
वर्ष की अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम - 'महिलाओं में निवेश: प्रगति में तेजी लाने
की' पर रखा गया। विभागाध्यक्ष डॉ भारती सिंह ने कहा कि यह दिन
महिलाओं को समाज में बराबरी और लोगों को उनके अधिकारों को लेकर जागरूक करने के
मकसद से मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की वेबसाइट के मुताबिक जामुनी,हरा
और सफेद अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रंग है। जामुनी रंग इंसाफ़ और सम्मान का
प्रतीक है। हरा रंग उम्मीद जगाने वाला है,
तो वहीं सफ़ेद रंग शुद्धता की नुमाइंदगी
करता है। असिस्टेंट प्रोफेसर शांतिलता कुमारी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए मनाया जाता है। ये दिन जीवन के हर पहलू
में महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन है। आज महिलाओं ने अपनी
रचनात्मकता, ताकत और चमक से दुनिया के कैनवास को रंग दिया है। डॉ संतोष कुमार सिंह अंश ने संगोष्ठी को
सम्बोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष,
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का उत्सव
महिलाओं में निवेश: प्रगति में तेजी लाने की थीम पर केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र
के अनुसार, दुनिया कई संकटों का सामना कर रही है, जिसमें
भू-राजनीतिक संघर्षों से लेकर गरीबी के बढ़ते स्तर और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते
प्रभाव शामिल हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल महिलाओं को सशक्त बनाने वाले
समाधानों से ही किया जा सकता है। महिलाओं में निवेश करके, हम
समाजमें बदलाव ला सकते हैं और सभी के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक समान दुनिया की दिशा में
बदलाव को गति दे सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 के
लिए अभियान का विषय 'इंस्पायर इंक्लूजन'
है। इसका उद्देश्य दूसरों को महिलाओं के
समावेशन को समझने और महत्व देने के लिए प्रेरित करना है ताकि हम एक बेहतर दुनिया
बना सकें।जमीन से लेकर आसमान तक,
सेना से लेकर खिलाड़ी तक हर फील्ड में
महिलाओं की भागेदारी सराहनीय है। डॉ सीमा सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला
दिवस पूरे इतिहास में महिलाओं द्वारा किए गए अथक प्रयासों को याद करने का एक
प्रमाण है। ये दिन याद दिलाता है कि कैसे महिलाओं ने अपनी हिम्मत और हौसले से
मर्द-औरत के अधिकारों में किए जा रहे भेद के खिलाफ आवाज उठाई। संगोष्ठी में बी.एड.
प्रथम वर्ष से अंशिका सक्सेना
सौरभ कुमार निषाद राम
प्रवेश कौशल अंकुर मिश्रा
विवेक कुमार निषाद कीर्ति गुप्ता
शाकिब खान आँचल
मिश्रा रश्मि
यादव ने प्रभावपूर्ण विचार
व्यक्त किये। संगोष्ठी का सफलतापूर्वक संचालन यशस्वी गुप्ता ने किया। इस अवसर पर
बी. एड. प्रथम वर्ष के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

