एबीवीपी ने शैक्षिक परिसरों में SFI को प्रबंधित करने की मांग की

 

SFI के कार्यकर्ताओं द्वारा रैगिंग के कारण आत्महत्या कर चुके जे एच सिद्धार्थन को न्याय दिलाने के लिये एबीवीपी ने उठाई आवाज।

न्यू गीतांजलि टाइम्स सुल्तानपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सुल्तानपुर के कार्यकर्ताओं द्वारा जे एच सिद्धार्थन को न्याय दिलाने के लिए जिले के प्रमुख परिसरों के बाहर SFI मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और परिसरों में SFI को प्रतिबंधित करने की मांग की संवाददाता से बात करते हुए ABVP के छात्र नेता सुभेन्द्र वीर सिंह ने बताया कि केरल के पूकोडे केरला वेटनरी एवं जीव विज्ञान विश्वविद्यालय में 18 फरवरी 2024 को द्वितीय वर्ष के छात्र जे. एस सिधारथन की मृत्यु से देश को झकझोर दिया है। सिद्धार्थन की आकस्मिक मृत्यु का पता उस वक्त चला जब वह अपने छात्रावास के कमरे में फंदे से लटके मिले। यह कोई आम आत्महत्या नहीं थी परंतु बहुत ही निर्मम प्रताड़ना के बाद उठाया गया आत्मघाती कदम था। सिद्धार्थन को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया SFI के लोगों द्वारा कॉलेज में वेलेंटाइन डे पर एक सीनियर महिला मित्र के साथ डांस करने पर इस प्रकार की मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना दी गई जिससे उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। 15 फरवरी को सिद्धाथन अपनी माताजी से मिलने के लिए निकले परंतु उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटने को विवश कर दिया गया एवं 16 फरवरी की रात में उनके साथ SFI के गुंडों द्वारा बहुत ही विभत्स प्रताड़ना की गई।प्रान्त कार्यकारिणी सदस्य तेजस्व ने बताया  द्वारा छात्रावास में उनके कपड़े उतरवाए गए उन्हें बेल्ट रॉड से तब तक पीटा गया जब तक वह टूट नहीं गए। मृत्यु के पश्चात सिद्धार्थन की अटॉप्सी रिपोर्ट बताती है की उनके शरीर पर अनगिनत चोट एवं अंदरूनी अंगो में भी चोट थी। छात्र नेता रुद्र प्रताप ने बताया  की प्रताड़ना के कारण उन्हें भूखा रख कर पीटा गया था। इस प्रकार की प्रताड़ना से तंग आ कर सिद्धार्थन ने अपना जीवन खत्म किया परंतु यह एक हत्या है आत्महत्या नहीं जिसे  के गुंडों द्वारा अंजाम दिया गया है। विद्यार्थी परिषद के विभाग प्रमुख संतोष अंश ने बताया सिद्धार्थनं को न्याय के लिए एबीवीपी लगातार केरल में वामपंथी सरकार के विरुद्ध संघर्ष कर रही है। केरल की वामपंथी सरकार SFI के हत्यारोपियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है परंतु एबीवीपी सिद्धार्थन के परिवार के साथ न्याय की अंतिम चौखट तक खड़ी रहेगी। देशभर के परिसरों को अपनी घृणित विचार से दूषित करने वाले वामपंथी संगठन असल मायनों में छात्रों की हत्या कर रहे हैं फिर चाहे वह जादवपुर हो या जेएनयू। उक्त अवसर पर परमेन्द्र आदर्श शुक्ला सत्यम चौरसिया उत्कर्ष समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहेA


 

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