पुण्यतिथि पर खूब याद आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबा "रामलाल"
वक्ताओं ने बाबा रामलाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर डाला प्रकाश
सुलतानपुर, न्यू गीतांजलि टाइम्स। अवध किसान आंदोलन की प्रणेता महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबा रामलाल मिश्र की 68वीं पुण्यतिथि जिला पंचायत के सभागार में श्रद्धांजलि सभा के रूप में मनाई गई। बाबा रामलाल के चित्र पर वक्ताओं ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक अनूप संडा ने कहा कि बाबा रामलाल जी अंग्रेजों के शासन में समान लोकतंत्र की बात करते थे, जो उस समय बहुत दुस्साहस का काम था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार कमल नयन पांडेय ने कहा कि देश की आज़ादी की लड़ाई में भी जातीय व्यवस्था नहीं शामिल थी, जिस तरह आज हो गई है। उन्होंने कहा कि बाबा रामलाल आजादी की लड़ाई का वो अध्याय हैं जो किसी दशा में भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने देश के किसानों का दर्द जमीदार होते हुए भी समझा और उनके साथ आंदोलन में शामिल होकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ते रहे। डॉ अरविंद चतुर्वेदी ने कहा कि आज की पीढ़ियों को बाबा रामलाल जी से सीखने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के आयोजक बाबा रामलाल के प्रपौत्र व पूर्व नगर पालिका के प्रत्याशी वरुण मिश्र ने आये हुए अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.राजेश पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर साहित्यकार कवि डीएम मिश्र डॉ इंद्रमणि कुमार पूर्व न्यायाधीश आरपी शुक्ल वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामार्य पाठक किशन पाठक पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कृष्ण कुमार मिश्र मुन्नू हौसिला प्रसाद भीम डॉ आशुतोष सिंह हिमांशु मालवीय योगेश पांडेय दिनेश मिश्र नितिन मिश्रा ज्ञान प्रकाश यादव सभासद अखिलेश मिश्र गिरीश मिश्र आशुतोष मिश्र आवेश अहमद मेराज अहमद रजत श्रीवास्तव तहसीन अहमद वरिष्ठ नेता राहुल त्रिपाठी महेश मिश्र अनुराग मिश्र सत्यम तिवारी मोहित तिवारी जयप्रकाश मिश्र आनंद मिश्र राजीव मिश्र अंजनी तिवारी पवन मिश्र कटँवां शिवम सोनी अमरीश पाठक जिगर जयप्रकाश तिवारी मेराज अहमद जयंत यादव मनीष मिश्र अखिलेश ओझा राहुल मिश्र आशुतोष मिश्र समेत दर्जनों की संख्या में प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।
