डायबिटीज एक बहुत खतरनाक रोग है –डॉ ए के श्रीवास्तव
डायबिटीज से हार्ट अटैक हो सकता है
सुलतानपुर, न्यू गीतांजलि टाइम्स। सुल्तानपुर। डिवाइन हार्ट एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल विराज खंड–5 गोमती नगर के संस्थापक डॉक्टर ए के श्रीवास्तव ने शहर के एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि डायबिटीज किस कारण से होता है और इसका हृदय पर क्या प्रभाव पड़ता है । उन्होंने बताया कि भारत में अकेले 5 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित है । हर 12वा व्यक्ति किसी न किसी रोग से पीड़ित है। मानसिक तनाव, मोटापा , व्यायाम न करना, ज्यादा मीठा खाना डायबिटीज बढ़ाने में सहायता करता है। अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाता तो हार्ट अटैक भी हो सकता है । अगर माता-पिता को डायबिटीज है तो उनकी संतान को भी डायबिटीज हो सकता है। अगर ब्लड शुगर की मात्रा शरीर में ज्यादा होगी तो हृदय की धमनियों में जगह-जगह कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है। धमनियों को संकुचित कर देता है और कभी-कभी एंजियोप्लास्टी एवं बाईपास सर्जरी करना मुश्किल हो जाता है और इस दशा में जिंदगी सीमित हो जाती है, और इसके साथ गुर्दे की भी धमनिया संकुचित हो जाती हैं तो गुर्दे फेल हो जाने पर मरीज के जीवन में खतरा और बढ़ जाता है। यह एक गंभीर एवं जानलेवा रोग बन जाता है। नियमित व्यायाम योग मेडिटेशन वजन कम करना संतुलित भोजन जिसमें मीठे की मात्रा कम हो, इससे भी ब्लड शुगर कम ना हो तो दवा की सहायता से नियंत्रित करना अति आवश्यक है । ध्यान रहे की ब्लड शुगर खाली पेट 90 से 110 मिलीग्राम प्रति लीटर और खाने के बाद 180 से 200 हो। शुगर के मरीजों में हार्ट अटैक होने पर पसीना सांस का फूलना छाती में भारीपन ज्यादा होता है और सीने में दर्द कम होता है क्योंकि शुगर नसों की सेंसटीबीटी कम कर देता है इसलिए इसे कभी-कभी साइलेंट हार्ट अटैक भी कहते हैं।डायबिटीज एक बहुत खतरनाक रोग है। अनियंत्रित अवस्था में यह जीवन काल को कम कर देता है इसलिए प्रारंभिक स्तर से ही नियंत्रित करने की कोशिश करना चाहिए । अंत में उन्होंने आध्यात्मिक विषय ,श्री रामचरितमानस, जीवन की दिनचर्या आदि पर भी विस्तृत चर्चा की।नशा जीवन को समाप्त कर देता है इसलिए हमेशा इससे दूरी बना कर रखें।
