पोषण पाठशाला में आयुष्मान भारत योजना और स्तनपान के महत्व पर किया गया जागरूक
सुलतानपुर, 6 अगस्त। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में गुरुवार को जनपद में आयोजित पोषण पाठशाला के अंतर्गत ऑनलाइन वेबकास्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, विशेष रूप से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आईसीडीएस के लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) और विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।
वेबकास्ट के दौरान अपर मुख्य सचिव, बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग लीना जौहरी, निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर, उपनिदेशक डॉ. अनुपमा साण्डिल्य तथा विषय विशेषज्ञों ने आयुष्मान भारत योजना के उद्देश्य, पात्रता, गोल्डन कार्ड के माध्यम से मिलने वाली कैशलेस उपचार सुविधा तथा योजना का अधिकतम लाभ उठाने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पात्र परिवारों से योजना का लाभ लेकर आर्थिक बोझ कम करने की अपील भी की।
कार्यक्रम में विश्व स्तनपान सप्ताह के महत्व पर भी विशेष चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद स्तनपान कराना तथा पहले छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाना उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और माँ के स्वास्थ्य को भी अनेक लाभ मिलते हैं।
ऑनलाइन कार्यक्रम में डीपीओ, सीडीपीओ, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, गर्भवती एवं धात्री महिलाएं, आईसीडीएस के लाभार्थी, शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों के अभिभावक तथा आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान अर्चना वर्मा (आईएएस), मुख्य कार्यकारी अधिकारी SACHIS, तापसिनी खेन, वरिष्ठ पोषण विशेषज्ञ (UPTSU) तथा आनंद कुमार सिंह, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, पोषण (UPTSU) ने भी स्वास्थ्य, पोषण और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के समापन पर जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी, बाल विकास परियोजना अधिकारी फूल कुमार, दयाराम, राजेन्द्र प्रसाद एवं मुख्य सेविकाओं ने कहा कि पोषण पाठशाला जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों से आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने तथा शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए स्तनपान को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।




