अयोध्या को कोसने के पहले उसे अयोध्या बना तो दो, हिन्दू धार्मिक तीर्थ में घुसे फैजाबाद से उसे मुक्ति तो दो
अयोध्या को मक्का मदीना और वेटिकन सिटी की तर्ज पर हिंदू पवित्र क्षेत्र घोषित करे भारत सरकार - डी पी गुप्ता
सुलतानपुर न्यू गीतांजलि टाइम्स। लोकसभा चुनाव में उ प्र में हुई भाजपा की करारी हार से विश्व भर के सनातनियों को उतना दुख नहीं हुआ जितना कष्ट भगवान राम की नगरी अयोध्या में हुई हार से हुआ। सनातन विरोधी ताकतों द्वारा धार्मिक नगरी अयोध्या में हुई चुनावी पराजय को जिस तरह हिंदुओं की हार के रूप में सेलिब्रेट किया गया वह हिंदुत्व के ह्रदय में भाले की तरह चुभ गया है। इस चुनावी परिणाम ने सन् नब्बे में हुए रामभक्तों के नरसंहार की ही तरह हिंदूओं को अंदर तक झकझोर दिया है। विडम्बना ये है कि पूरे देश में अयोध्या वासियों को गद्दार घोषित कर उनके बहिष्कार संबंधी अनर्गल पोस्ट से पूरा सोशल मीडिया पटा पड़ा है। तमाम एंटी सोशल एलीमेंट इस मौके का लाभ लेते हुए अनाप-शनाप और आपत्तिजनक रील वायरल कर रहे हैं। साइबर पुलिस को तत्काल इस पर आवाश्यक कार्यवाही करनी चाहिए। चुनावी परिणाम से उपजे इस देश व्यापी माहौल पर अफसोस जाहिर करते हुए पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय प्रभारी डी पी गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि उनके द्वारा पिछले वर्ष ही अयोध्या धाम को मक्का - मदीना और वेटिकन सिटी की ही तरह हिंदुओं का एक पवित्र क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई थी परंतु सरकार ने उस पर गौर नहीं किया। अब भी वक्त है कि अयोध्या धाम को हिंदू पवित्र क्षेत्र घोषित कर वहां स्थायी केंद्र शासित व्यवस्था स्थापित की जाए। करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था के केंद्र इस संवेदनशील पवित्र क्षेत्र को राजनीतिक हार जीत और चुनावी उठा पटक से दूर रक्खा जाए।
