शिक्षक अपने जीवन में कर्तव्यों से कभी भी सेवानिवृत्ति नहीं होता प्राचार्य केएनआई
केएनआई में अधिवर्षता सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
सुलतानपुर, न्यू गीतांजलि टाइम्स। कमला नेहरू स्वायत्तशासी संस्थान सुलतानपुर में दिन सोमवार को'अधिवर्षता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन के एन आई शिक्षक संघ इकाई नें किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ प्राचार्य प्रो.आलोक कुमार सिंह ने किया। इन्होंने संस्थान से सेवानिवृत्त हुए प्राध्यापकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्थान की सर्वोच्चता और सांस्थानिक विकास की उत्कृष्टता में अधिवर्षता प्राप्त करने वाले प्राध्यापकों की भूमिका अत्यन्त महत्त्वपूर्ण रही है। अपने उद्बोधन में संस्थान के उप प्राचार्य प्रो.राधेश्याम सिंह ने कहा कि अधिवर्षता सम्मान समारोह प्रसन्नता और भावुकता दोनों का क्षण है। एक तरफ जहां सफलतापूर्वक अपने दायित्वों के निर्वहन करने की खुशी है तो वहीं दूसरी तरफ अपनी जड़ और जमीन से छूटने की पीड़ा भी है।जीवन की सृजनात्मक यात्रा बनी रहे और आपके अनुभवों के बृहत् संसार से संस्थान हमेशा समृद्ध होता रहेगा। इस मौके पर ऑक्टा अध्यक्ष प्रो.विजय प्रताप सिंह ने बताया कि लम्बे अकादमिक जीवन के बाद अब एक नये जीवन की पारी शुरू हो रही है। इस अवसर पर शिक्षक संघ इकाई की अध्यक्षा डा.रंजना सिंह ने सबका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान के लिए यह भावुकता का क्षण है। शिक्षक संघ इकाई महामंत्री प्रो.बिहारी सिंह ने मंच का संचालन किया और अधिवर्षता आयु प्राप्त कर रहे शिक्षकों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए इनके जीवन के सुन्दर और सुखमय भविष्य की कामना की। अधिवर्षता आयु प्राप्त करने वालों में कमला नेहरू संस्थान के वाणिज्य विभाग से प्रो.जयशंकर शुक्ला एवं जगराम जन्तु विज्ञान विभाग से प्रो.इन्दु सिंह शिक्षा संकाय से प्रो.पी.के.सिंह तथा रसायन विज्ञान विभाग से प्रो.पी.के.सिंह ने भी अपने सांस्थानिक व अकादमिक अनुभवों को साझा किया। सम्मान समारोह में कमला नेहरू शिक्षक संघ इकाई कार्यकारिणी के सदस्यों में डा.शक्ति सिंह अतुल सिंह सुधाकर शुक्ला संतोष सिंह कुशवाहा डा. ओवैद अख्तर डा. मनोज कुमार डा.आलोक वर्मा डॉ पवन रावत और मुख्य अनुशास्ता सुधांशू प्रताप सिंह एवं आई.क्यू. ए. सी. निदेशक प्रो.प्रवीण सिंह सहित वंदना सिंह प्रो.किरन सिंह प्रो.प्रतिमा सिंह व प्रो.मीनाक्षी पांडेय के साथ साथ संस्थान के सभी प्राध्यापक व प्राध्यापिकाएं मौजूद रहे।
